यौन शोषण के आरोपों पर शंकराचार्य का जवाब, 20 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई
यौन शोषण के आरोपों पर शंकराचार्य का जवाब, 20 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई
जगद्गगुरू शंकराचार्य
अभिमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप लगाने वाले पक्ष ने स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि अभिमुक्तेश्वरानंद और उनके कुछ शिष्यों ने 20 से अधिक बच्चों के साथ दुष्कर्म किया। याचिकाकर्ता आशुतोष का कहना है कि गुरुकुल की आड़ में बाल उत्पीड़न किया गया। आरोपों की पुष्टि के लिए दो बच्चों को कोर्ट में पेश किए जाने की भी जानकारी दी गई है। मामले में आगामी 20 फरवरी को दोनों पक्षों के वकील अदालत में पेश होंगे।
वहीं, शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने कोर्ट में सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि जब से उन्होंने गोमाता की रक्षा के लिए आवाज उठानी शुरू की, तभी से कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई।
उन्होंने कहा, “पहले हमें अपमानित किया गया, हमारे लोगों को धमकाया गया और मारपीट की गई। जब उससे भी बात नहीं बनी तो घिनौने आरोप लगाए गए। ऐसे आरोप जिनकी कल्पना भी सभ्य समाज नहीं कर सकता। लेकिन सत्य को आंच नहीं आती।”
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 20 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।