फाल्गुन मेला: आस्था, सेवा और पर्यावरण चेतना का विराट संगम

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श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान की पावन पवित्र समाधि पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई धोक,

फाल्गुन मेला: आस्था, सेवा और पर्यावरण चेतना का विराट संगम

श्रीराम भादू/बीकानेर

(मूकाम )श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान की पावन पवित्र समाधि पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई धोक,
मैराथन के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मुक्तिधाम मुकाम में आयोजित फाल्गुन मेला श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के साथ भव्य रूप से प्रारंभ हुआ. देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने गुरु जम्भेश्वर भगवान की पवित्र समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित कर क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और अमन-चैन की कामना की।
राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखण्ड, दिल्ली, गोवा, मुम्बई, हैदराबाद, चेन्नई और बैंगलूरू से हजारों दर्शनार्थी मुकाम पहुंचे। बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बालोतरा, सांचौर सहित अनेक स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर मुकाम पहुंचे और दर्शन लाभ प्राप्त किया। भक्ति और अनुशासन का अद्भुत दृश्य पूरे क्षेत्र में देखने को मिला।
व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण
अखिल भारतीय बिश्नोईमहासभा के राष्ट्रीय महासचिव रूपाराम कालीराणा, अखिल भारतीय जम्भेष्वर सेवकदल के अध्यक्ष विनोद धारणियां, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मेला व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लेकर आवश्यक निर्देश प्रदान किये,निज मंदिर, मुख्य पण्डाल, मेला बाजार, यातायात एवं ट्रैफिक प्रबंधन, सेवकदल भोजनालय, कंट्रोल रूम, सड़क व्यवस्था तथा बैरिकेडिंग सहित सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित एवं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए। मेले की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए हजारों की संख्या में सेवकदल सेवा में जुटे हुए हैं।
“फॉर द नेचर, बाय द नेचर” मैराथन का सफल आयोजन
फाल्गुन मेले के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने हेतु “फॉर द नेचर, बाय द नेचर” थीम के अंतर्गत भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणविद् राधेश्याम पेमाणी की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रकति पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
मैराथन 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की तीन श्रेणियों में आयोजित की गई, जिसमें हजारों धावक-धाविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन, ऊर्जा और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर पूर्व विधायक बिहारीलाल बिष्नोई, सुनील बिश्नोई(एडीजे), गणपतलाल भादू (एडीजे), लक्ष्मण बिश्नोई(एडीजे), रिछपाल गीला (न्यायिक मजिस्ट्रेट), कोशिश पर्यावरण टीम के सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी, सेवकदल सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
फाल्गुन मेला आस्था, सेवा, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जो समाज को सकारात्मक दिशा में प्रेरित कर रहा है।

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