आरजीएचएस में गड़बड़ी रोकने के लिए IHMS से जोड़ा जाएगा सिस्टम

vasudev vyas

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आरजीएचएस में गड़बड़ी रोकने के लिए IHMS से जोड़ा जाएगा सिस्टम

जयपुर, 18 मार्च राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए इसे इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम (IHMS) से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को एकीकृत डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे दवाइयों और जांचों में होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (SHA) इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में लागू करेगी। अभी यह सिस्टम केवल कुछ बड़े अस्पतालों में ही संचालित हो रहा है। IHMS से जुड़ने के बाद पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों की पर्चियों, दवाइयों की खरीद और जांचों का रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।
एजेंसी के सीईओ ने हाल ही में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को पत्र लिखकर दोनों पोर्टल को इंटीग्रेट करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में बताया गया है कि कई मामलों में RGHS लाभार्थी सरकारी अस्पताल में ओपीडी में डॉक्टर को दिखाकर उसी पर्ची पर लिखी दवाइयां और जांचें अस्पताल से मुफ्त प्राप्त कर लेते हैं, जबकि इन सुविधाओं के लिए कैशलेस योजना का अलग प्रावधान है।
कुछ मामलों में मरीज सरकारी अस्पताल से दवाइयां और जांच करवाने के बाद दो-तीन दिन के भीतर वही जांच निजी लैब से भी करा लेते हैं, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है।
वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पर्ची IHMS पोर्टल पर जनरेट होती है, लेकिन RGHS लाभार्थियों का डेटा उससे मेल नहीं खाता। इसके कारण मरीजों का पूरा रिकॉर्ड सिस्टम में अपलोड नहीं हो पाता और कई बार एक ही जांच दो बार दर्ज होने जैसी स्थिति बन जाती है।
सरकार का मानना है कि दोनों पोर्टल को जोड़ने से मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड एक ही सिस्टम में उपलब्ध होगा और फर्जी या दोहराव वाले क्लेम पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

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