बेटी हर्षिता शर्मा ने दी पिता को मुखाग्नि, बदली सोच की प्रेरक मिसाल

vasudev vyas

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बेटी हर्षिता शर्मा ने दी पिता को मुखाग्नि, बदली सोच की प्रेरक मिसाल
बीकानेर,दिनांक: 20/03/ 2026
समाज में व्याप्त परंपरागत धारणाओं को चुनौती देते हुए बीकानेर की बेटी हर्षिता शर्मा ने अपने पिता स्व.राजकुमार जी शर्मा (सेवानिवृत्त अधिकारी, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, बीकानेर) को सभी विधि विधान के साथ मुखाग्नि देकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह अंतिम संस्कार परदेशियों की बगीची रानी बाजार, श्मशान गृह में सम्पन्न हुआ।
परंपरागत रूप से अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी पुत्रों द्वारा निभाई जाती रही है, लेकिन हर्षिता के इस साहसिक कदम ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि बेटियाँ भी समान रूप से अपने पारिवारिक कर्तव्यों का निर्वहन कर सकती हैं।

इस दृश्य को देखकर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों की आंखें नम हो गई। अंतिम संस्कार के समय कल्याण भूमि प्रन्यास के, उपाध्यक्ष युवराज बंशीवाला, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी श्री रामावतार शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने हर्षिता के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

समाज के प्रबुद्धजनों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएँ न केवल बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदलती हैं, बल्कि लैंगिक समानता को भी सशक्त बनाती हैं।

परिवारजनों ने भी हर्षिता के इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पिता के प्रति अपने कर्तव्य का पूर्ण रूप से निर्वहन किया है और समाज के सामने एक नई दिशा प्रस्तुत की है।
यह घटना यह दर्शाती है कि बदलते समय के साथ समाज की सोच में भी परिवर्तन आ रहा है और बेटियाँ आज हर जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं।

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