निकाय चुनाव की आहट ,बीकानेर में दावेदार सक्रिय, आरक्षण से पहले ही शुरू हुई सियासी दौड़
निकाय चुनाव की आहट ,बीकानेर में दावेदार सक्रिय, आरक्षण से पहले ही शुरू हुई सियासी दौड़
बीकानेर। नगरीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही बीकानेर की सियासत पूरी तरह चुनावी रंग में रंगने लगी है। हालांकि अभी तक न तो वार्डों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हुई है और न ही यह तय हुआ है कि महापौर का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, लेकिन संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है।
शहर के 80 वार्डों में पार्षद पद के दावेदार अपने-अपने स्तर पर चुनावी जमीन तैयार करने में जुट गए हैं। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों में संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर अंदरखाने मंथन शुरू हो चुका है। दावेदार पार्टी नेताओं के समक्ष अपनी दावेदारी मजबूत करने के साथ-साथ वार्डों में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं।
कई स्थानों पर संभावित उम्मीदवारों ने स्वागत बोर्ड, होर्डिंग और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए वे वार्ड में कराए गए विकास कार्यों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और स्वयं को जनता का सच्चा सेवक बताने का प्रयास कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरक्षण की घोषणा के बाद चुनावी समीकरणों में बदलाव संभव है, लेकिन उससे पहले ही दावेदार अपनी पहचान मजबूत करने और पार्टी नेतृत्व के साथ-साथ मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें राज्य सरकार द्वारा वार्डों के आरक्षण और महापौर पद की आरक्षण लॉटरी की घोषणा पर टिकी हुई हैं। इसके बाद ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी, लेकिन इतना तय है कि बीकानेर में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच चुकी है।
