बालोतरा पुलिस द्वारा साइबर ठगी के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही।

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₹96.22 लाख के संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े म्यूल अकाउंट धारक सवाईसिंह व कर्णपाल गिरफ्तार।

*बालोतरा पुलिस द्वारा साइबर ठगी के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही।*

*₹96.22 लाख के संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े म्यूल अकाउंट धारक सवाईसिंह व कर्णपाल गिरफ्तार।*

पुलिस अधीक्षक जिला बालोतरा श्री राजेश कुमार काॅवट आईपीएस ने बताया कि पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार साइबर अपराधों में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउण्ट) तथा साइबर हाॅटस्पाॅट (चैक विड्राॅल, एटीएम विड्राॅल, व संदिग्ध बैंक ब्रांच) के विरूद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही करने एवं साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु चलाए गए विशेष अभियान ‘‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’’ के तहत श्री हरफूलसिंह आरपीएस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोतरा तथा श्री बाबूलाल मुरारिया आरपीएस थानाधिकारी साइबर थाना बालोतरा एवं वृताधिकारी बालोतरा के सुपरविजन में श्री हिंगलाजदान निपु. थानाधिकारी बालोतरा के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट धारक सवाईसिंह व कर्णपाल को गिरफ्तार कर 96.22 लाख रुपये के संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन का खुलासा करने में सफलता हासिल की गई।

*कार्यवाही पुलिसः-* ज्ञात रहे कि अभियान के दौरान साइबर सेल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बालोतरा से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों की सूचना के आधार पर म्यूल अकाउंट धारक सवाईसिंह पुत्र ज्ञानसिंह, जाति रावणा राजपूत, निवासी वार्ड संख्या 32, शास्त्री कॉलोनी, थाना बालोतरा, जिला बालोतरा तथा कर्णपाल पुत्र उदाराम, जाति मेघवाल, निवासी शनि मंदिर के पास टापरा, थाना जसोल, जिला बालोतरा के खातों की समन्वय पोर्टल पर जांच की गई। इस दौरान पाया गया कि उक्त दोनों बैंक खातों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं। दोनों आरोपी साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग के लिए उपलब्ध करवाते थे। यह भी सामने आया कि इन म्यूल खातों के माध्यम से देशभर में साइबर धोखाधड़ी कर लगभग 96 लाख 22 हजार रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया है। उक्त तथ्यों के आधार पर थाना बालोतरा पर प्रकरण संख्या 194 दिनांक 30.07.2026, धारा 319(2), 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66-डी आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

प्रकरण में आसूचना संकलन एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर म्यूल अकाउंट (साइबर ठगी की राशि के लेन-देन के लिए प्रयुक्त बैंक खाता) धारक आरोपी सवाईसिंह तथा कर्णपाल को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करवाते थे। इसके साथ ही संबंधित बैंक खातों से लिंक मोबाइल सिम कार्ड भी साइबर ठगों को सौंप देते थे, ताकि उन्हीं सिम कार्डों के माध्यम से बैंक खातों का संचालन, ओटीपी प्राप्त करना, बैंक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करना तथा पीड़ितों से कॉल एवं अन्य माध्यमों से संपर्क स्थापित किया जा सके। इन बैंक खातों एवं सिम कार्डों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि के लेन-देन एवं उसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। प्रकरण में साइबर ठगी के मास्टरमाइंड सहित अन्य सहयोगियों की तलाश एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं तथा मामले में गहन अनुसंधान किया जा रहा है। प्रकरण में आसूचना संकलन एवं तकनीकी विश्लेषण में कानि. श्री घनश्याम एवं श्री भैराराम की विशेष भूमिका रही है।

*गिरफ्तार मुलजिमः-*

01. सवाईसिंह पुत्र ज्ञानसिंह, जाति रावणा राजपूत, निवासी वार्ड संख्या 32, शास्त्री कॉलोनी, थाना बालोतरा, जिला बालोतरा,

02. कर्णपाल पुत्र उदाराम, जाति मेघवाल, निवासी शनि मंदिर के पास टापरा, थाना जसोल, जिला बालोतरा।

*पुलिस टीमः-*

01. श्री गोरधनराम उनि. थाना बालोतरा,

02. श्री गुमाननाथ सउनि. थाना बालोतरा,

03. श्री सुरेन्द्रसिंह कानि. साइबर सेल बालोतरा,

04. श्री घनश्याम कानि. 282 थाना बालोतरा, (विशेष भूमिका)

05. श्री भैराराम कानि. 265 साइबर थाना बालोतरा, (विशेष भूमिका)

06. श्री नेमीचन्द कानि. 379 साइबर थाना बालोतरा।

*साइबर जागरूकता संदेशः-* बालोतरा पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर या कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर अथवा ओटीपी किसी को उपलब्ध न कराएं। ऐसे बैंक खाते साइबर अपराधों में प्रयुक्त पाए जाने पर खाताधारक के विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही की जाती है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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