जागरूक आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो महत्वपूर्ण फैसले, सूचना अधिकारियों को दिए निर्देश
जागरूक आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो महत्वपूर्ण फैसले, सूचना अधिकारियों को दिए निर्देश
बीकानेर। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दो महत्वपूर्ण निर्णयों की ओर आरटीआई कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया गया है। इन निर्णयों में लोक सूचना अधिकारियों (PIO) की जिम्मेदारियों और आवेदकों के अधिकारों को स्पष्ट किया गया है।
पहले निर्णय के अनुसार, यदि मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है, तो लोक सूचना अधिकारी को स्पष्ट एवं ठोस कारणों सहित आवेदक को लिखित रूप में सूचित करना होगा। यदि सूचना किसी वैधानिक अपवाद के अंतर्गत आती है, तो उसका भी स्पष्ट उल्लेख करना आवश्यक होगा। साथ ही, संबंधित अभिलेखों, फाइल नोटिंग, अनुमोदन एवं निर्णय प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरटीआई अधिनियम के तहत नागरिकों को उपलब्ध एवं विद्यमान सूचना प्राप्त करने का अधिकार है। सूचना की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जा सकती है, लेकिन आरटीआई के माध्यम से किसी सूचना का पुनर्मूल्यांकन या नई जानकारी तैयार करने की मांग नहीं की जा सकती।
आरटीआई कार्यकर्ताओं का मानना है कि इन महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों की जानकारी होने से सूचना के अधिकार का प्रभावी उपयोग करने में सहायता मिलेगी तथा लोक सूचना अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
