आचार संहिता से पहले बीकानेर में टेंडरों की झड़ी, करोड़ों के कामों पर उठे सवाल
आचार संहिता से पहले बीकानेर में टेंडरों की झड़ी, करोड़ों के कामों पर उठे सवाल
बीकानेर। नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले बीकानेर में विभिन्न सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर टेंडर जारी होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग (सानिवि), जलदाय विभाग, बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) और नगर निगम में लगातार टेंडर जारी किए जाने की चर्चा है।
आरोप लगाए जा रहे हैं कि आचार संहिता लागू होने से पहले राजनीतिक दबाव में आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कुछ लोगों ने टेंडर प्रक्रिया में राजस्थान लोक खरीद नियमों (आरटीपीपी) के पालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, सानिवि नगर खंड में कम समय के अंतराल में करीब 70 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए जाने की बात सामने आई है। वहीं सानिवि जिला खंड प्रथम और द्वितीय में भी 30 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर जारी होने की चर्चा है। नगर निगम और बीडीए में भी विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े टेंडरों को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज होने की बात कही जा रही है।
इस बीच ठेकेदारों की विभागीय कार्यालयों में बढ़ी सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली ठेकेदार टेंडर हासिल करने के लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं।
आचार संहिता से ठीक पहले टेंडरों की इस कथित तेजी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सभी टेंडर नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जारी हुए हैं? क्या प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया का पूरा पालन किया गया है? इन सवालों के जवाब संबंधित विभागों की ओर से सामने आना बाकी है।
यदि टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी जांच की मांग भी उठ सकती है। फिलहाल चुनावी आचार संहिता से पहले करोड़ों रुपये के टेंडरों की तेजी ने बीकानेर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
