कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर राजस्थान में घमासान, कई जिलों में विरोध और घेराव
कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर राजस्थान में घमासान, कई जिलों में विरोध और घेराव
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन, धरना और घेराव किया। जयपुर में शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास का घेराव किए जाने की खबर सामने आई है।
भीलवाड़ा में 18 प्रत्याशियों के सिंबल को लेकर विवाद
भीलवाड़ा में कांग्रेस के घोषित 18 प्रत्याशियों के सिंबल दोपहर 3 बजे तक कलेक्टर कार्यालय में जमा नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी रही। इस दौरान धरना और हंगामा चलता रहा।
पाली में जिलाध्यक्ष के पीछे भागे कार्यकर्ता
पाली में टिकट वितरण को लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष को कार्यकर्ताओं से बचने के लिए अस्पताल में छिपना पड़ा। हालांकि इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
हिंडौन में 60 सिंबल को लेकर विवाद
हिंडौन में पीसीसी से 60 सिंबल भेजे जाने की बात सामने आई, लेकिन संबंधित विधायक के पास केवल 20 सिंबल पहुंचने का दावा किया गया। विरोधी गुट ने 40 सिंबल अपने पास रख लिए। बाद में विधायक ने 20 सिंबल वापस कर दिए और कथित तौर पर कहा कि उन्हें पूरे 60 सिंबल चाहिए, अन्यथा कोई सिंबल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शाम को हिंडौन में विधायक अनीता जाटव के घर के बाहर टिकट वितरण को लेकर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हंगामे की भी चर्चा रही।
अशोक गहलोत के करीबी की पुत्रवधू का टिकट कटा
जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले एक नेता की पुत्रवधू का टिकट काटे जाने की बात भी सामने आई है। इससे स्थानीय कांग्रेस में नाराजगी की स्थिति बनी है।
राजस्थान में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर विवाद की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। जयपुर में भी टिकट वितरण के विरोध में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और नेताओं के बीच तीखी नाराजगी सामने आई।
करौली में वार्ड 55 बना रोचक मुकाबले का केंद्र
करौली निकाय चुनाव में वार्ड 55 में भाजपा और कांग्रेस ने एक ही महिला प्रत्याशी गुड़ी देवी जाटव को मैदान में उतार दिया है। अब गुड़ी देवी किस पार्टी के साथ रहती हैं, यह चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती—बगावत रोकना
टिकट वितरण के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाराज दावेदारों और कार्यकर्ताओं को मनाने की है। पार्टी को आशंका है कि टिकट से वंचित दावेदार निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं, जिससे अधिकृत प्रत्याशियों को नुकसान हो सकता है। टिकट को लेकर कांग्रेस के भीतर विवाद की खबरें अन्य जिलों से भी सामने आई हैं।
