निकाय चुनाव के बीच पार्षदों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट में देर रात सुनवाई, बीकानेर के मकसूद अहमद को राहत- वासुदेव व्यास
निकाय चुनाव के बीच पार्षदों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट में देर रात सुनवाई, बीकानेर के मकसूद अहमद को राहत- वासुदेव व्यास
बीकानेर। राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद बोर्ड गठन और महापौर-सभापति चुनाव से पहले पार्षदों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इसी क्रम में बीकानेर नगर निगम के वार्ड-18 से निर्वाचित पार्षद एवं पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद की गिरफ्तारी की आशंका को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में रविवार देर रात विशेष सुनवाई हुई।
जानकारी के अनुसार मकसूद अहमद को करीब दो माह पुराने एक मामले में पुलिस ने नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। मामले की तात्कालिकता को देखते हुए रविवार रात करीब 10 बजे हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई और जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी।
याचिका की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य सहित अधिवक्ताओं ने की। अदालत में बताया गया कि मकसूद अहमद को पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया था और चुनाव में मतदान से वंचित किए जाने की आशंका के चलते तत्काल न्यायिक राहत मांगी गई।
नवरतन डागा और मदन मेघवाल को भी राहत
इसी चुनावी घटनाक्रम में कांग्रेस पार्षद नवरतन डागा तथा मदन गोपाल मेघवाल से जुड़े सिंबल चोरी के प्रकरण में भी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक की जानकारी सामने आई है।
दूसरी ओर हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी तथा अन्य निकाय क्षेत्रों में पार्षदों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। कांग्रेस नेताओं की ओर से पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़कर आरोप लगाए गए हैं, जबकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि
अलग-अलग मामलों में संबंधित जांच एजेंसियों के स्तर पर होना बाकी है।
