मुस्लिम समाज की अनदेखी कांग्रेस को पड़ेगी भारी- मजदूर नेता शबनम बानो
मुस्लिम समाज की अनदेखी कांग्रेस को पड़ेगी भारी- मजदूर नेता शबनम बानो
बीकानेर। मजदूर नेता शबनम बानो ने मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व को लेकर एक पत्र जारी करते हुए समाजबंधुओं से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लंबे समय से कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहे मुस्लिम समाज की अनदेखी पार्टी को आगामी समय में भारी पड़ सकती है।
पत्र के माध्यम से शबनम बानो ने कहा कि पिछले कुछ समय से राजनीतिक अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर समाज लगातार उपेक्षा महसूस कर रहा है। उन्होंने बीकानेर नगर निगम के उपमहापौर चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच समाज को अपनी वास्तविक राजनीतिक ताकत को समझने की जरूरत है।
2023के चुनाव और प्रतिनिधित्व पर चिंता
पत्र में दावा किया गया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बीकानेर जिले की आठों विधानसभा सीटों पर समाज को एक भी टिकट नहीं दिया गया, जो समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज इस बात पर गंभीरता से विचार करे कि राजनीतिक दल उनके साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं।
पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में 30-35 हजार मतदाता
शबनम बानो ने बताया कि बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम समाज के लगभग 30 से 35 हजार मतदाता हैं। यदि समाज अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दे पर आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होता है, तो वह अपनी बात प्रभावी ढंग से राजनीतिक दलों के सामने रख सकता है। पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों में समाज को एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरने का आह्वान किया गया है।
’केवल समर्थन नहीं, अब चाहिए उचित हिस्सेदारी’
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज अब केवल चुनाव में समर्थन देने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि राजनीतिक भागीदारी में भी अपनी उचित हिस्सेदारी चाहता है। राजनीतिक दलों को समाज की अपेक्षाओं और प्रतिनिधित्व के मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा। अंत में उन्होंने समाज के सभी लोगों से आपसी मतभेदों को भुलाकर अपने राजनीतिक अधिकारों, प्रतिनिधित्व और सामाजिक हितों के लिए संगठित प्रयास करने की अपील की।


