रूटीन में विटामिन-D और B12 जांच लिखने पर रोक, HOD की मंजूरी जरूरी
रूटीन में विटामिन-D और B12 जांच लिखने पर रोक, HOD की मंजूरी जरूरी
जयपुर। एसएमएस अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की जांच व्यवस्था में बदलाव करते हुए डॉक्टरों को रूटीन में विटामिन-D और विटामिन-B12 जैसी जांचें लिखने से रोक दिया है। अब इन जांचों के लिए यूनिट हेड की मंजूरी जरूरी होगी। अस्पताल प्रशासन ने सभी फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि विटामिन की जांच केवल आवश्यक क्लीनिकल परिस्थितियों में ही कराई जाए।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार नई व्यवस्था में जांच की जरूरत को प्राथमिकता दी गई है। इस संबंध में मेडिसिन, एंडोक्राइनोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री सहित संबंधित विभागों की सहमति ली गई है।
नई व्यवस्था के तहत 2 हजार रुपये तक की जांच इलाज करने वाला डॉक्टर लिख सकता है। 2 से 5 हजार रुपये तक की जांच के लिए यूनिट हेड की मंजूरी आवश्यक होगी, जबकि 5 हजार रुपये से अधिक की जांच के लिए विभागाध्यक्ष अथवा अस्पताल प्रशासन की स्वीकृति लेनी होगी।
सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महंगी जांचें भी इसी अप्रूवल व्यवस्था के दायरे में रहेंगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मंजूरी की व्यवस्था जांच की कीमत के आधार पर ही नहीं, बल्कि उसकी क्लीनिकल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।
अब जांचों के लिए यह व्यवस्था
2 हजार रुपये तक: इलाज करने वाला डॉक्टर जांच लिख सकता है।
2 से 5 हजार रुपये: यूनिट हेड की मंजूरी जरूरी।
5 हजार रुपये से अधिक: विभागाध्यक्ष/अस्पताल प्रशासन की मंजूरी जरूरी।
CT Scan और MRI जैसी महंगी जांचें: अप्रूवल व्यवस्था के दायरे में।
Vitamin-D और Vitamin-B12: डॉक्टर की सलाह के बावजूद यूनिट हेड की मंजूरी आवश्यक।
