वाणिज्य कर आयुक्त आनन्दी की कार्ययोजना से जीएसटी चोरी पर शिकंजा, प्रदेशभर में विशेष प्रवर्तन अभियान

vasudev vyas

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वाणिज्य कर आयुक्त आनन्दी की कार्ययोजना से जीएसटी चोरी पर शिकंजा, प्रदेशभर में विशेष प्रवर्तन अभियान

जयपुर। राजस्थान में जीएसटी चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), बिना बिल माल की खरीद-बिक्री तथा कारोबार छिपाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वाणिज्य कर विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया है। विभागीय आयुक्त आनन्दी की कार्ययोजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वे एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है। इन कार्रवाइयों में कर अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं तथा विभागीय कार्रवाई के दौरान करदाताओं से स्वेच्छा से बड़ी राशि जमा भी कराई गई है।

10 जिलों में 18 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच

विभागीय जानकारी के अनुसार 17 एवं 18 अक्टूबर को जयपुर, अजमेर, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा और फलोदी सहित विभिन्न स्थानों पर विभागीय टीमों ने 18 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सर्वे एवं जांच की कार्रवाई की। प्रारंभिक आकलन में लगभग 2.85 करोड़ रुपये की संभावित कर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान करदाताओं द्वारा लगभग 2.51 करोड़ रुपये स्वेच्छा से जमा कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

रिसॉर्ट निर्माण में आईटीसी की पात्रता की जांच

जयपुर के झोटवाड़ा स्थित मैसर्स स्टर्लिंग रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध 17 अक्टूबर को की गई कार्रवाई में रिसॉर्ट निर्माण से संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता की जांच की गई। इस दौरान करदाता ने 55 लाख 26 हजार 230 रुपये का आईटीसी रिवर्स किया।

इसी प्रकार जयपुर की सी-स्कीम स्थित मैसर्स एजीआरएएस वेंचर्स एलएलपी के विरुद्ध 18 अक्टूबर को की गई कार्रवाई में अचल संपत्ति निर्माण से संबंधित लगभग एक करोड़ रुपये के अपात्र आईटीसी का मामला सामने आया। जांच के दौरान करदाता ने 33.76 लाख रुपये का आईटीसी रिवर्स किया।

अजमेर में फर्नीचर कारोबार पर कार्रवाई, रिकॉर्ड जब्त

अजमेर जिले के केकड़ी स्थित मैसर्स मारुति स्टील इंडस्ट्रीज के यहां फर्नीचर निर्माण एवं घरेलू सामान की आपूर्ति से संबंधित स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। विभागीय टीम ने कारोबारी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच के लिए पेन ड्राइव सहित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया। इस प्रकरण में लगभग 15 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता का आकलन किया गया। करदाता द्वारा 10 लाख रुपये एसजीएसटी कैश लेजर में जमा कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

अजमेर के पुष्कर रोड स्थित मैसर्स असम टिम्बर एंड प्लाईवुड के विरुद्ध बिना समुचित कर चालान के माल की बिक्री तथा कारोबार छिपाने की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई।

राजस्व संरक्षण के लिए जांच अभियान जारी

वाणिज्य कर विभाग की इन कार्रवाइयों का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जी आईटीसी के मामलों की जांच करना, बिना बिल कारोबार पर रोक लगाना तथा राज्य के राजस्व की सुरक्षा करना है। आयुक्त आनन्दी की कार्ययोजना के तहत जोखिम वाले कारोबारों की पहचान कर जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।

कर चोरी और अनियमितताओं की आशंका वाले मामलों में दस्तावेजों, स्टॉक और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच के जरिए वास्तविक कर देयता निर्धारित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों को समान प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध कराने और सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान पर नियंत्रण की दिशा में मदद मिल सकती है।

मरु समीक्षा न्यूज़ | राजस्थान

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