एआई से साधारण एक्स-रे में ही पता चल सकेगी हड्डियों की कमजोरी, शुरुआती परीक्षण में 97.7 प्रतिशत सटीकता

vasudev vyas

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एआई से साधारण एक्स-रे में ही पता चल सकेगी हड्डियों की कमजोरी, शुरुआती परीक्षण में 97.7 प्रतिशत सटीकता
रायपुर। अब हड्डियों की कमजोरी का पता लगाने के लिए महंगे डेक्सा (DEXA) स्कैन की जरूरत कम हो सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से साधारण एक्स-रे के जरिए ही हड्डियों की कमजोरी का अनुमान लगाया जा सकेगा। शुरुआती परीक्षण में इस तकनीक की सटीकता 97.7 प्रतिशत तक पाई गई है।
इस तकनीक को विकसित करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर समेत देश के छह राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके तहत करीब 15 हजार मरीजों के डेटा का उपयोग किया जा रहा है। एआई सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए मरीजों की एक्स-रे और डेक्सा जांच की रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है। एम्स रायपुर में ही अब तक लगभग 4,000 डेक्सा जांच के डेटा जुटाए जा चुके हैं।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इस तीन वर्षीय परियोजना के लिए 1.01 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। परियोजना का नेतृत्व एम्स देवघर के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रोफेसर डॉ. मनीष राज कर रहे हैं।
इस परियोजना में एम्स देवघर, एम्स रायपुर, एम्स दिल्ली, एम्स भुवनेश्वर, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और एनआईटी जमशेदपुर शामिल हैं। चार एम्स संस्थान मरीजों के डेटा जुटाने और चिकित्सकीय मूल्यांकन का काम कर रहे हैं, जबकि दोनों तकनीकी संस्थान एआई मॉडल विकसित करने में जुटे हैं।
हड्डियों की बीमारी की पहचान में मिलेगी मदद
इस तकनीक के सफल होने पर सामान्य एक्स-रे के माध्यम से हड्डियों की कमजोरी का शुरुआती अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है। इससे हड्डियों से जुड़ी बीमारियों की समय पर पहचान और मरीजों को उचित जांच एवं उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस तकनीक की वास्तविक उपयोगिता और चिकित्सकीय पुष्टि के लिए आगे का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।

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