उपभोक्ता मामले विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा ,विभाग के तात्कालिक नियंत्रक नवनीत कुमार व उसके सहयोगीयो द्वाराकैरोटोमीटर मशीनें खरीदी
उपभोक्ता मामले विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा ,विभाग के तात्कालिक नियंत्रक नवनीत कुमार व उसके सहयोगीयो द्वारा
कैरोटोमीटर मशीनें खरीदी
सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह राजावत से जानकारी
बिजली निगम से उपभोक्ता मामले विभाग में फर्जी तरीके से मर्ज (विलय) हुए चार कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द होने के बाद अब उनके एक के बाद एक कई बड़े फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में विभाग द्वारा सोने की शुद्धता की जांच के लिए 1.14 करोड़ रुपये की लागत से 2 कैरोटोमीटर मशीनें खरीदने का मामला उजागर हुआ है।
बिना अधिकार के की गई खरीदारी
चौंकाने वाली बात यह है कि उपभोक्ता मामले विभाग के पास सोने की शुद्धता जांचने का अधिकार ही नहीं है। सोने की शुद्धता की जांच का अधिकार केवल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के पास है। इसके बावजूद, आचार संहिता के दौरान ही 9 अक्टूबर 2023 को कैरोटोमीटर खरीदने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए थे।
मंत्री की स्वीकृति के बिना 90 फीसदी भुगतान
राज्य में सरकार बदलने के बाद इन मशीनों का 90 प्रतिशत भुगतान भी कर दिया गया। इस भुगतान के लिए विभाग के वर्तमान मंत्री सुमीत गोदारा से कोई स्वीकृति नहीं ली गई थी।
डेपुटेशन पर आए कार्मिकों की मिलीभगत
यह मशीनें डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर आए कार्मिक प्रतीक सोनी, गिरधारी काजला और विभाग के तात्कालिक नियंत्रक नवनीत कुमार द्वारा खरीदी गई थीं।
पिछले 5 वर्षों के कार्यों की जांच शुरू
मामला मंत्री सुमीत गोदारा के संज्ञान में आने के बाद, अब इन कर्मचारियों द्वारा पिछले पांच सालों में किए गए सभी कार्यों की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि विभाग के कर्मचारियों को एपीओ (APO) करने और पोस्टिंग देने का खेल भी इन्हीं कर्मचारियों के इशारों पर चलता था। खाद्य विभाग में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए अन्य मामलों की भी परतें खुलना बाकी हैं।
इस संबंध में भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के प्रदेश संयोजक नरेंद्र सिंह राजावत बीकानेर में नवनीत कुमार के पदस्थापित होने के बाद जितने भी नियम विरुद्ध कार्य किए गए हैं उनके नियमों के अंतर्गत भी जांच कराई जाए
