कोटगेट रेलवे फाटक पर नेताओं की चुप्पी, जनता पूछ रही—केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की भूमिका क्या?
कोटगेट रेलवे फाटक पर नेताओं की चुप्पी, जनता पूछ रही—केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की भूमिका क्या?
विशेष रिपोर्ट वासुदेव व्यास
बीकानेर। शहर की वर्षों पुरानी कोटगेट रेलवे फाटक की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। फाटक पर जाम और यातायात की परेशानी से आमजन लगातार जूझ रहा है। हालिया दिनों में इस मुद्दे को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा और मांगें सामने आई हैं, लेकिन जनता का सवाल है कि इस गंभीर समस्या पर स्थानीय नेताओं की स्पष्ट और प्रभावी राजनीतिक टिप्पणी क्यों नहीं दिखाई दे रही है।
विशेष रूप से बीकानेर के सांसद एवं केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की भूमिका को लेकर भी शहरवासी सवाल उठा रहे हैं। जून 2026 में मेघवाल ने कहा था कि कोटगेट और सांखला रेलवे फाटक की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
वहीं, मई 2026 में कांग्रेस नेताओं की ओर से भी कोटगेट समस्या के समाधान को लेकर अधिकारियों से मुलाकात की गई थी। जुलाई में इस मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा रेलवे, नगर निगम और बीकानेर विकास प्राधिकरण से जवाब मांगे जाने की खबर भी सामने आई।
ऐसे में बीकानेर की जनता जानना चाहती है कि कोटगेट रेलवे फाटक की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की वर्तमान कार्ययोजना क्या है? स्वीकृत अंडरपास का निर्माण कब तक पूरा होगा और जनता को जाम से स्थायी राहत कब मिलेगी?
जनता अब आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान और स्पष्ट जवाब चाहती है।
