चुनाव में सड़क, लाइट, पानी और सीवरेज के वादे, लेकिन बड़े जनमुद्दों पर उम्मीदवारों की चुप्पी
चुनाव में सड़क, लाइट, पानी और सीवरेज के वादे, लेकिन बड़े जनमुद्दों पर उम्मीदवारों की चुप्पी
बीकानेर। नगर निगम चुनाव के मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों से जब जनता के लिए उनकी प्राथमिकताओं के बारे में पूछा जाता है, तो अधिकांश प्रत्याशियों का जवाब होता है कि जीतने के बाद सड़क, लाइट, पानी और सीवरेज व्यवस्था में सुधार उनकी प्राथमिकता रहेगी। लेकिन शहर के सामने खड़े कुछ बड़े और लंबे समय से चले आ रहे जनमुद्दों को लेकर उम्मीदवारों की आवाज अभी तक उतनी मुखर नजर नहीं आ रही है।
आम नागरिकों का कहना है कि कोटगेट रेलवे फाटक की समस्या, शहर में नकली एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों, खासकर दूध, मावा और पनीर की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई तथा सरकारी भूमि पर हो रहे कथित कब्जों जैसे मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा बनने चाहिए।
जनता का सवाल है कि पार्षद केवल अपने वार्ड की सड़क, नाली, लाइट और सीवरेज तक सीमित रहेंगे या शहर के बड़े मुद्दों को लेकर भी निगम, प्रशासन और सरकार के सामने आवाज उठाएंगे?
कोटगेट रेलवे फाटक को लेकर लंबे समय से समाधान की मांग उठती रही है। वहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण जैसे मुद्दे भी आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसे में मतदाता इस बार उम्मीदवारों से केवल विकास कार्यों के वादे नहीं, बल्कि शहर के व्यापक हित से जुड़े सवालों पर उनकी स्पष्ट कार्ययोजना भी जानना चाहते हैं।
अब देखना होगा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी इन मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल करते हैं या फिर चुनावी वादे एक बार फिर सड़क, लाइट, पानी और सीवरेज तक ही सीमित रह जाते हैं।
