निलंबित आरएएस हनुमाना राम को सुप्रीमकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया
निलंबित आरएएस हनुमाना राम को सुप्रीमकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया
जयपुर, — सुप्रीम कोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 की लिखित परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बनकर दो उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने वाले निलंबित आरएएस हनुमाना राम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश आरोपी हनुमाना राम की जमानत याचिका को खारिज करते हुए दिया।
अदालत ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता पर तीन व्यक्तियों के लिए डमी अभ्यर्थी बनने का आरोप है। यह एक घटना नहीं है, बल्कि आरोपी के निरंतर आचरण को दर्शाता है।
जमानत याचिका में कहा गया था कि याची एक साल से न्यायिक अभिरक्षा में है, ऐसे में मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में समय लगने को देखते हुए उसे जमानत दी जाए।
इसका विरोध करते हुए एएजी शिवमंगल शर्मा ने कहा कि आरोपी ने एसआई परीक्षा में दो अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दी थी। हालांकि, दोनों अभ्यर्थी साक्षात्कार में फेल हो गए थे। उसने पटवारी भर्ती में भी डमी अभ्यर्थी की भूमिका निभाई थी। वह आरएएस अधिकारी होते हुए इस तरह के अपराध में शामिल रहा है, जो पूरे तंत्र के लिए खतरा है। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।