पुलिस की साइबर सेल ने एडवाइजरी जारी कर आमजन को सतर्क रहने की अपील की है
पुलिस की साइबर सेल ने एडवाइजरी जारी कर आमजन को सतर्क रहने की अपील की है
साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका ईजाद कर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है
खुद को टेलीकॉम नियामक संस्था Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) का अधिकारी बताकर लोगों को डराया जा रहा है। मामले सामने आने के बाद पुलिस की साइबर सेल ने एडवाइजरी जारी कर आमजन को सतर्क रहने की अपील की है।
साइबर सेल के एसीपी शांतुनु कुमार सिंह के अनुसार ठग कभी Central Bureau of Investigation (CBI), पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और मानसिक दबाव बनाकर उनसे ठगी कर लेते हैं।
ऐसे कर रहे हैं ठगी
साइबर अपराधी लोगों को फोन कर बताते हैं कि उनके आधार कार्ड या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग तस्करी में हुआ है। इसके बाद गिरफ्तारी का डर दिखाकर तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” का भय पैदा किया जाता है और पैसे ऐंठे जाते हैं।
अब ठगों ने नया तरीका अपनाते हुए खुद को TRAI अधिकारी बताकर सिम डिएक्टिवेशन और केवाईसी अपडेट के नाम पर फर्जी मैसेज भेजना शुरू किया है। इन संदेशों में कहा जाता है कि दो घंटे में सिम बंद हो जाएगी, इसलिए तुरंत लिंक पर क्लिक कर केवाईसी अपडेट करें। लिंक पर क्लिक करते ही ठग बैंक खातों की जानकारी हासिल कर खाते खाली कर देते हैं।
इसके अलावा मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर मोटी कमाई का लालच देकर भी खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ठगी का नेटवर्क फैलाया जा रहा है।
पुलिस की अपील
साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर केवाईसी या बैंक विवरण नहीं मांगती। संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।
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