बिजली कंपनी की सेवाओं पर उठे सवाल, डी-5 सब डिविजन में नए कनेक्शन और पीडीसी को लेकर उपभोक्ता परेशान
बिजली कंपनी की सेवाओं पर उठे सवाल, डी-5 सब डिविजन में नए कनेक्शन और पीडीसी को लेकर उपभोक्ता परेशान
बीकानेर। बीकानेर के सामाजिक कार्यकर्ता रामदेव आसोपा ने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सब डिविजन डी-5 में उपभोक्ताओं को बिजली के नए कनेक्शन के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि करीब एक माह से कई उपभोक्ताओं को नए बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
आसोपा के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता पीडीसी (स्थायी डिस्कनेक्शन) के लिए पत्रावली जमा करवाता है तो अंतिम बिल के लिए फाइनल मीटर रीडिंग लेने के बाद भी करीब एक माह तक बिल जारी नहीं किया जाता और पीडीसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। उन्होंने इसके उदाहरण के तौर पर डी-5 सब डिविजन से संबंधित दो पत्रावलियों की फोटो उपलब्ध होने की बात कही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्रावली जमा करवाने के दौरान उपभोक्ताओं को रसीद उपलब्ध नहीं करवाई जाती। रसीद मांगने पर कथित तौर पर क्लर्क द्वारा पत्रावली की फोटो ले लेने की बात कही जाती है। आसोपा ने सवाल उठाया कि यदि दस्तावेज जमा करने की विधिवत रसीद नहीं दी जाती है तो उपभोक्ता अपनी शिकायत या आवेदन की स्थिति का प्रमाण कैसे रखेगा।
वहीं, कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि कंपनी में बाहरी एजेंटों के माध्यम से काम करवाने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है। उपभोक्ताओं ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी और एजेंट के बीच अनियमित सांठगांठ है तो इसकी जांच संबंधित सक्षम एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए। सूत्रों का कहना है कि कंपनी के सीओओ को लिखित शिकायतें देने के बावजूद यदि समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है तो कंपनी प्रबंधन को पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि डी-5 सब डिविजन में लंबित नए कनेक्शन, पीडीसी प्रकरणों और पत्रावलियों की प्राप्ति की व्यवस्था की जांच कर उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराई जाए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में अनावश्यक देरी और आवेदन की रसीद नहीं मिलने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कंपनी प्रबंधन को शिकायतों की जांच कर पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
रामदेव आसोपा
मोबाइल न 9462331541

