बीकानेर की धरती पर यादों का संगम, वीर योद्धा का सम्मान
बीकानेर की धरती पर यादों का संगम, वीर योद्धा का सम्मान
बीकानेर, 8 मार्च। राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्था के प्रदेशाध्यक्ष रिछपाल सिंह पूनिया के बीकानेर आगमन पर शहर के पूर्व पुलिस अधिकारियों ने उ नका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह कार्यक्रम महज औपचारिक मुलाकात नहीं रहा, बल्कि करीब 50 वर्षों पुरानी यादों, खाकी के प्रति निष्ठा और वीरता के गौरवशाली सफर का भावनात्मक संगम बन गया।
बीकानेर पहुंचने पर पूर्व पुलिस अधिकारियों ने प्रदेशाध्यक्ष पूनिया का साफा पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। इस दौरान उपस्थित साथियों ने उनके नेतृत्व और पुलिस परिवार के प्रति समर्पण की सराहना की।
अपने संबोधन में रिछपाल सिंह पूनिया ने बताया कि आज से ठीक 50 वर्ष पहले उन्होंने बीकानेर की पावन धरती से ही अपनी सरकारी सेवा की शुरुआत की थी। उन्होंने बीकानेर के विभिन्न थानों में बिताए समय और पुराने शहर की गलियों से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने करियर की एक साहसिक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह एक बदमाश ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था, लेकिन घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी को दबोचकर सलाखों के पीछे पहुंचाया।
पूनिया ने पंजाब में उग्रवाद के दौर में गंगानगर बॉर्डर पर अपनी तैनाती के दौरान दिए गए साहसिक योगदान को भी याद किया। उनकी इसी कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक (पीपीएम) से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि बीकानेर की मिट्टी से मिले संस्कार ही उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आए हैं।
कार्यक्रम में संस्था के संभागीय अध्यक्ष जगमालराम विश्नोई और सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अरुण आहूजा के प्रयासों से इस भव्य मिलन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बीकानेर के कई पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंत में संगठन के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह लूणा ने सभी अतिथियों और उपस्थित साथियों का आभार व्यक्त किया।