युवाओं को टिकट में प्राथमिकता, लेकिन टिकट की गारंटी नहीं , भाजपा
युवाओं को टिकट में प्राथमिकता, लेकिन टिकट की गारंटी नहीं , भाजपा
जयपुर, नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा में प्रत्याशियों के चयन पर मंथन तेज हो गया है। पार्टी इस बार युवा, खासकर जेन-जी पीढ़ी को चुनावी प्रक्रिया में प्रमुखता से जोड़ने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार टिकट वितरण में युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन प्राथमिकता का मतलब टिकट की गारंटी नहीं होगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार प्रदेशभर में अब तक करीब 5 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा युवा बताए जा रहे हैं। प्रत्याशियों के चयन में उनकी लोकप्रियता, योग्यता, सक्रियता और जीतने की क्षमता को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। पार्टी का प्रयास अधिक से अधिक युवाओं को प्रतिनिधित्व देने का है।
सभी को टिकट मिले, यह जरूरी नहीं
टिकट वितरण को लेकर पार्टी में शामिल हुए नए दावेदारों के सवाल पर भाजपा की ओर से स्पष्ट किया गया कि पार्टी के सदस्य आवेदन कर सकते हैं, लेकिन हर आवेदक को टिकट मिलना जरूरी नहीं है। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से भी स्पष्ट संदेश है कि टिकट ऐसे व्यक्ति को दिया जाए जो चुनाव जीतने की क्षमता रखता हो। टिकट वितरण में पारदर्शिता के साथ सामाजिक और जातिगत समीकरण, प्रत्याशी की सक्रियता तथा उसका पिछला राजनीतिक एवं सामाजिक रिकॉर्ड भी देखा जाएगा।
भाजपा में टिकटों को लेकर बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण अंतिम चयन को लेकर दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। वहीं, पार्टी नेतृत्व के सामने युवाओं को मौका देने और जिताऊ उम्मीदवार चुनने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी रहेगी। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हो चुकी है।
