आरटीआई के तहत आंसर बुक देने पर 1000 रुपये प्रोसेसिंग फीस अवैध – हाईकोर्ट
आरटीआई के तहत आंसर बुक देने पर 1000 रुपये प्रोसेसिंग फीस अवैध – हाईकोर्ट
जोधपुर, 8 मार्च । राजस्थान हाईकोर्ट ने आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिका (Answer Book) की प्रमाणित प्रति देने पर वसूली जा रही 1000 रुपये की प्रोसेसिंग फीस को अवैध घोषित कर रद्द कर दिया है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जब जानकारी आरटीआई कानून के तहत मांगी जाती है, तो किसी भी संस्था या विश्वविद्यालय के आंतरिक नियम उस पर लागू नहीं हो सकते।
मामले के अनुसार जोधपुर निवासी विपिका पुत्री सुभाष गहलोत बीएससी नर्सिंग के अंतिम वर्ष में दो विषयों में फेल हो गई थी। इसके बाद उसने आरटीआई के तहत अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी मांगी। विश्वविद्यालय ने जवाब में प्रति आंसर बुक 1000 रुपये प्रोसेसिंग फीस, प्रति पेज 2 रुपये और डाक शुल्क मिलाकर कुल 1225 रुपये जमा कराने को कहा।
इस मांग को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने कहा कि आरटीआई कानून की धारा 22 के अनुसार यह कानून किसी भी अन्य नियम से ऊपर है। इसलिए केवल आरटीआई नियमों के अनुसार ही शुल्क लिया जा सकता है, जिसमें अधिकतम 2 रुपये प्रति पेज की फोटोकॉपी फीस निर्धारित है।
कोर्ट ने विश्वविद्यालय द्वारा वसूली जा रही 1000 रुपये प्रोसेसिंग फीस को अनुचित बताते हुए रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि अब आरटीआई नियमों के अनुसार ही शुल्क लेकर छात्रों को जानकारी उपलब्ध कराई जाए।