गैस संकट से सांगानेर की प्रिंटिंग इंडस्ट्री पर असर, कई फैक्ट्रियों पर ताले की नौबत
गैस संकट से सांगानेर की प्रिंटिंग इंडस्ट्री पर असर, कई फैक्ट्रियों पर ताले की नौबत
जयपुर, 20 मार्च अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण रसोई गैस के वैश्विक संकट का असर अब उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। गैस की कमी के चलते जहां रेस्टोरेंट उद्योग प्रभावित हो रहा है, वहीं राजधानी की पहचान माने जाने वाले सांगानेर के छपाई उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है।
गैस की कमी के कारण करीब एक हजार फैक्ट्रियों पर ताले लगने की स्थिति बन गई है। कई इकाइयों में काम पूरी तरह बंद हो चुका है, जबकि कई अन्य फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर हैं।
दरअसल, सांगानेर की ब्लॉक प्रिंटिंग और टेक्सटाइल प्रिंटिंग विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां हाथ से और मशीनों से दोनों तरीकों से कपड़ों की छपाई की जाती है। सांगानेर प्रिंटिंग क्लस्टर में वर्तमान में एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हो रही हैं।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि रसोई गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण बड़ी संख्या में इकाइयों का संचालन प्रभावित हो रहा है। जानकारी के अनुसार लगभग 50 से अधिक इकाइयों में काम ठप हो गया है, जबकि 5 से 6 फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद होने के कगार पर हैं।
सांगानेर में करीब 300 से अधिक आधुनिक इकाइयां ऐसी हैं जो पूरी तरह फ्लैट-बेड प्रिंटिंग मशीनों पर निर्भर हैं। इन मशीनों में कपड़े को सुखाने और फिनिशिंग के लिए गैस की आवश्यकता होती है। गैस उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ये मशीनें काम नहीं कर पातीं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है।
उद्योगपतियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सरकार से गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।