ग्रामीण उपभोक्ताओं को फिर मिले 50 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग
ग्रामीण उपभोक्ताओं को फिर मिले 50 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग
वासुदेव व्यास
मरु समीक्षा न्यूज़ राजस्थान
पंचायत चुनावों के बीच मुफ्त बिजली योजना को लेकर उठी चर्चा, गरीब परिवारों को राहत देने की मांग
बीकानेर। राजस्थान में मुफ्त बिजली योजना को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। आमजन का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में घरेलू उपभोक्ताओं को 50 यूनिट मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए काफी लाभदायक थी। लोगों का मानना है कि इस योजना से प्रत्येक पात्र घरेलू परिवार को राहत मिलती थी और बिजली बिल का बोझ कम होता था।
आमजन के अनुसार, बाद में लागू की गई 100 यूनिट मुफ्त बिजली की व्यवस्था में आधार कार्ड और पंजीकरण से जुड़ी शर्तों के कारण कुछ उपभोक्ता इसका पूरा लाभ नहीं उठा सके। वहीं, पूर्ववर्ती सरकार की 50 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए भी उपयोगी बताया जा रहा है।
प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मियों के बीच जनता की मांग है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस विषय पर गंभीरता से विचार करें। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को बिजली बिल से राहत देने के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे पात्र उपभोक्ताओं को योजना का लाभ आसानी से मिल सके।
आमजन का कहना है कि सरकार यदि गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करती है और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल बनाती है, तो इससे ग्रामीण एवं शहरी उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
