चीनी की कालाबाजारी पर लगाम ,बड़े उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की स्टॉक सीमा

vasudev vyas

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चीनी की कालाबाजारी पर लगाम ,बड़े उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की स्टॉक सीमा

जयपुर, 26 अगस्त। प्रदेश में चीनी की कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने स्टॉक रखने की सीमा निर्धारित कर दी है। नए प्रावधानों के तहत बड़े उपभोक्ता अब 15 दिन से अधिक की खपत के बराबर चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह व्यवस्था 1 सितंबर से लागू होगी।
आदेश के अनुसार, जो उपभोक्ता कच्चे माल के रूप में प्रतिमाह 10 मीट्रिक टन या उससे अधिक चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बड़े उपभोक्ता की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे उपभोक्ता अधिकतम 15 दिन की औसत खपत के बराबर चीनी का स्टॉक रख सकेंगे।
स्टॉक सीमा के दायरे में मिठाई निर्माता, शीतल पेय निर्माता, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग सहित अन्य बड़े संस्थान आएंगे। किसी कारोबारी की श्रेणी निर्धारित करने के लिए चालू माह को छोड़कर पिछले एक वर्ष की औसत मासिक खपत को आधार बनाया जाएगा। औसत खपत 10 मीट्रिक टन या उससे अधिक होने पर उसे बड़े उपभोक्ता की श्रेणी में माना जाएगा।
व्यवस्था के तहत चीनी डीलरों को अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर प्रतिदिन दर्ज करनी होगी। साथ ही, चीनी मिलों की ओर से बड़े उपभोक्ताओं को की गई मासिक बिक्री का भी सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए वस्तु एवं सेवा कर रिटर्न में संबंधित एचएसएन कोड के जरिए बिक्री का मिलान किया जाएगा।
सरकार ने स्टॉक सीमा से जुड़े ये प्रावधान 1 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इस कदम से चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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