चुनावों में बड़े भाजपा नेताओं को करारी शिकस्त
चुनावों में बड़े भाजपा नेताओं को करारी शिकस्त
बीकानेर। निगम चुनावों में भाजपा के कई बड़े नेताओं और पदाधिकारियों से जुड़े प्रत्याशियों की हार ने पार्टी के भीतर नई चर्चा को जन्म दे दिया है। चुनाव परिणामों में निवर्तमान महापौर सुशीला कंवर को भी हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शहर भाजपा अध्यक्ष सुमन छाजेड़ के वार्ड में भी भाजपा को शिकस्त मिली।
चुनावी परिणामों में वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन सुराणा की पत्नी भी जीत हासिल नहीं कर सकीं। वहीं पार्टी के उपाध्यक्ष दीपक पारीक और उपाध्यक्ष अशोक प्रजापत को भी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा कोषाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल भी अपने वार्ड में जीत दर्ज नहीं कर सके।
इसी तरह जस्सूसर मंडल के पूर्व अध्यक्ष मुकेश ओझा, नयाशहर मंडल अध्यक्ष विशाल गोलछा तथा युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा भी चुनाव में हार गए।
बड़े नेताओं की कार्यशैली पर उठे सवाल
एक साथ कई प्रमुख नेताओं से जुड़े प्रत्याशियों की हार के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पार्टी की चुनावी रणनीति और टिकट वितरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि बड़े नेताओं की हठधर्मिता, जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी और टिकट वितरण में स्थानीय समीकरणों को पर्याप्त महत्व नहीं देने का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया।
कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का मानना है कि चुनाव परिणामों को पार्टी नेतृत्व के लिए आत्ममंथन का संकेत माना जाना चाहिए। हालांकि, हार के वास्तविक कारणों को लेकर पार्टी स्तर पर समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
