जल जीवन मिशन परियोजना में करीब 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में मुख्य कड़ी माने जा रहे रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित चार अन्य की तलाश जारी
जल जीवन मिशन परियोजना में करीब 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में मुख्य कड़ी माने जा रहे रिटायर्ड आईएएस सुभोध अग्रवाल सहित चार अन्य की तलाश जारी
जयपुर , राज्य की चर्चित जल जीवन मिशन परियोजना में करीब 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार दस आरोपियों को राजस्थान एसीबी ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
हालांकि एसीबी ने आरोपियों का दो दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। मामले में मुख्य कड़ी माने जा रहे रिटायर्ड आईएएस सुभोध अग्रवाल सहित चार अन्य की तलाश में एसीबी लगातार दबिश दे रही है।
एसीबी ने जल जीवन मिशन से जुड़े जलदाय विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को 14 फरवरी को अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश कर उनका पांच दिन का रिमांड मांगा गया था, लेकिन अदालत ने तीन दिन का रिमांड स्वीकृत किया। रिमांड के दौरान आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ और आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब किए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एसीबी ने दो दिन का और रिमांड मांगा था।
पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर अब एसीबी अन्य संदिग्धों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है और जांच की दिशा तय कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
एसीबी ने जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई की थी। टीम ने जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित 13 स्थानों पर छापेमारी कर 10 आरोपियों को दबोचा था। आरोप है कि दो फर्मों को फर्जी बिलों और बिना कार्य किए भुगतान कर करीब 900 करोड़ रुपये का गबन किया गया।
बताया जा रहा है कि पूरा खेल पाइपलाइन बिछाने के कार्य में हुआ। मामले में तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी पहले ही जेल जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, सुभोध अग्रवाल की गिरफ्तारी होने पर कई राजनीतिक हस्तियों पर भी आंच आ सकती है।
जांच एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।