जीएसटी कर अपवंचन पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 55.33 लाख की संभावित देनदारी सामने आई
जीएसटी कर अपवंचन पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 55.33 लाख की संभावित देनदारी सामने आई
जयपुर। राज्य में जीएसटी प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने और कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से लगातार सघन सर्वे एवं सर्च कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जयपुर, जोधपुर और बाड़मेर में तीन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज एवं रिकॉर्ड जुटाए गए। प्रारंभिक जांच में करीब 55.33 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है, जिसमें से 25.61 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा कराए जा चुके हैं।
विभाग के अनुसार जयपुर में आयुष व्हील्स इंडिया के यहां सर्वे के दौरान करीब 11.93 लाख रुपए की संभावित देनदारी सामने आई, जिसमें से 10 लाख रुपए जमा कराए गए।
बाड़मेर के सेड़वा क्षेत्र में चामुंडा कंस्ट्रक्शन कंपनी के यहां जांच में अपात्र अथवा निरस्त पंजीयन वाले करदाताओं से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने की जानकारी सामने आई। यहां करीब 28.40 लाख रुपए की संभावित देनदारी आंकी गई, जिसमें से 15.61 लाख रुपए जमा कराए गए।
इसी तरह जोधपुर के बोरानाडा स्थित एआरके प्लाईलैम में सर्च कार्रवाई के दौरान अपात्र आईटीसी और अनअकाउंटेड बिक्री से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई। प्रारंभिक जांच में करीब 15 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी आंकी गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में कर देनदारी का अंतिम निर्धारण विस्तृत जांच एवं रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही किया जाएगा। विभाग द्वारा जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल, आईटीसी दावों और वास्तविक कारोबार के बीच अंतर की लगातार निगरानी की जा रही है।
