नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में सृष्टि से प्रस्थान।गोवा स्थित आवास पर आया कार्डियक अरेस्ट, 45 मिनट तक बचाने की कोशिश रही नाकाम।
नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में सृष्टि से प्रस्थान।
गोवा स्थित आवास पर आया कार्डियक अरेस्ट, 45 मिनट तक बचाने की कोशिश रही नाकाम।
मुंबई/गोवा। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में रहे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और अलग अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। हिंदी के साथ-साथ उन्होंने मराठी सिनेमा और रंगमंच में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
फिल्म ‘परिंदा’ (1989) में ‘अन्ना’ की भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके बाद ‘क्रांतिवीर’ (1994) के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और ‘अग्निसाक्षी’ (1996) के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इस तरह उनके नाम तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार रहे।
*भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अभिनेता होने के साथ-साथ वे लेखक, निर्देशक और रंगमंच कलाकार के रूप में भी सक्रिय रहे।*
नाना पाटेकर का निधन भारतीय फिल्म जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके दमदार किरदार, संवाद और अभिनय की विरासत लंबे समय तक दर्शकों की स्मृतियों में जीवित रहेगी।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
______ॐ शांति_____
