बड़ी खबर, बीकानेर नगर निगम कमिश्नर IAS सिद्धार्थ पलानीचामी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पहुंची PMO, दिल्ली से आया फोन

vasudev vyas

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बड़ी खबर, बीकानेर नगर निगम कमिश्नर IAS सिद्धार्थ पलानीचामी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पहुंची PMO, दिल्ली से आया फोन


बीकानेर। बीकानेर नगर निगम में फैले कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का मामला अब देश की राजधानी दिल्ली तक गूंज उठा है। नगर निगम के आयुक्त आईएएस सिद्धार्थ पलानीचामी के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक बड़ी शिकायत दर्ज कराई गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में शिकायतकर्ता को सीधे केंद्र सरकार के विभाग से जवाब मिलने के बाद बीकानेर के प्रशासनिक और राजनैतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, बीकानेर के प्रबुद्ध नागरिक और समाजसेवी नरेंद्र सिंह राजावत ने बीकानेर नगर निगम में हो रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी शिकायत में नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी के कामकाज के तरीकों और निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर सबूत और तथ्य पेश किए थे।
इस शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया और शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह राजावत को लिखित जवाब भेजा है।
भारत सरकार के लोक सेवा विभाग से आया सीधा फोन
मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह राजावत के पास भारत सरकार के लोक सेवा विभाग (Department of Personnel and Administrative Reforms / CPGRAMS) से सीधे फोन आया। विभाग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज कराई गई इस शिकायत के संबंध में राजावत से पूरी जानकारी ली और मामले के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
केंद्र सरकार के विभाग से सीधे फोन आने और इस स्तर पर कार्रवाई शुरू होने से यह साफ हो गया है कि दिल्ली दरबार अब राजस्थान के स्थानीय निकायों में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहा है।
निगम प्रशासन में मचा हड़कंप
बीकानेर नगर निगम में लंबे समय से भ्रष्टाचार और पट्टों के आवंटन से लेकर विभिन्न विकास कार्यों में धांधली की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब सीधे आईएएस अधिकारी (कमिश्नर) के खिलाफ देश की सर्वोच्च संस्था (PMO) द्वारा जांच और फीडबैक की प्रक्रिया शुरू करने से निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही राज्य सरकार के कार्मिक विभाग और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) से भी जवाब तलब किया जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी या स्थानीय जिला प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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