बीकानेर के 80 वार्डों में निर्दलीयों ने बढ़ाई प्रमुख दलों की चिंता

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विशेष रिपोर्ट वासुदेव व्यास

बीकानेर के 80 वार्डों में निर्दलीयों ने बढ़ाई प्रमुख दलों की चिंता

विशेष रिपोर्ट वासुदेव व्यास
मरु समीक्षा न्यूज़ राजस्थान बीकानेर। नगर निगम चुनाव में इस बार बीकानेर के सभी 80 वार्डों में चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है। भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनाव मैदान में ताल ठोक दी है। कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार दोनों प्रमुख दलों के समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
निर्दलीयों की बढ़ती संख्या को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। टिकट नहीं मिलने, टिकट वितरण से नाराजगी और स्थानीय स्तर पर व्यक्तिगत जनसमर्थन के चलते कई दावेदारों ने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
राजस्थान में पिछले निकाय चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 7 हजार से अधिक वार्डों में 1615 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराया था। ऐसे में बीकानेर के 80 वार्डों में मौजूद निर्दलीय प्रत्याशियों को प्रमुख दल हल्के में नहीं लेना चाहेंगे।
खास बात यह है कि इस बार कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के मजबूत माने जाने वाले प्रत्याशियों के सामने भी निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं भी कर पाए तो वोटों का बंटवारा कर भाजपा-कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों का चुनावी गणित जरूर प्रभावित कर सकते हैं।
अब देखना होगा कि बीकानेर के 80 वार्डों में जनता किसे अपना समर्थन देती है और निर्दलीय प्रत्याशी कितने वार्डों में प्रमुख दलों को चुनौती देने में सफल रहते हैं।

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