बीकानेर भाजपा में टिकट की मारामारी, 800 दावेदारों से बढ़ी डैमेज कंट्रोल की चुनौती
बीकानेर भाजपा में टिकट की मारामारी, 800 दावेदारों से बढ़ी डैमेज कंट्रोल की चुनौती
विशेष रिपोर्ट वासुदेव व्यास
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर भाजपा में टिकट की दावेदारी को लेकर जबरदस्त घमासान दिखाई दे रहा है। पार्टी के टिकट के लिए करीब 800 दावेदारों ने आवेदन किया है। यानी प्रत्येक वार्ड में औसतन करीब 10 दावेदार टिकट की दौड़ में हैं। बीकानेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं,
टिकट वितरण के बाद भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती असंतुष्ट दावेदारों को संभालने और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में एकजुट करने की होगी। जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिलेगा, उनमें से कुछ के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने, विरोध प्रदर्शन करने अथवा पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ अंदरखाने काम करने की आशंका जताई जा रही है।
ऐसे में भाजपा के लिए डैमेज कंट्रोल टिकट वितरण के साथ ही शुरू करना जरूरी माना जा रहा है। पार्टी संगठन यदि समय रहते प्रमुख दावेदारों, पूर्व पार्षदों और प्रभावशाली कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद कर उन्हें भरोसे में लेता है तो बगावत की संभावना कम की जा सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा को टिकट नहीं मिलने वाले मजबूत दावेदारों को संगठन में जिम्मेदारी देने, चुनाव संचालन में भूमिका देने तथा उनके समर्थकों को भी साथ जोड़ने की रणनीति अपनानी पड़ सकती है। इसके अलावा प्रत्येक वार्ड में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय कर ‘एक प्रत्याशी-एक संगठन’ की रणनीति पर काम करना होगा।
बीकानेर में 80 वार्डों के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आने से टिकट वितरण के बाद भाजपा के सामने असली परीक्षा शुरू होगी। अब देखना होगा कि पार्टी टिकट वितरण में कितनी संतुलित रणनीति अपनाती है और असंतुष्टों को मनाकर चुनावी मैदान में एकजुटता कैसे बनाए रखती है।
हालिया रिपोर्टों में भी बीकानेर में भाजपा के 80 वार्डों के लिए बड़ी संख्या में टिकट दावेदार सामने आने की बात सामने आई है।
