बीकानेर में संप्रेषण गृह की सुरक्षा में सेंध, छत से कूदकर 6 बाल अपचारी फरार, चाबियों का गुच्छा भी ले गए
बीकानेर में संप्रेषण गृह की सुरक्षा में सेंध, छत से कूदकर 6 बाल अपचारी फरार, चाबियों का गुच्छा भी ले गए
बीकानेर : सदर थाना क्षेत्र स्थित गजनेर रोड ब्रिज के पास एमएस कॉलेज के सामने स्थित बाल संप्रेषण गृह एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है. यहां से छह बाल अपचारी रात के समय छत पर पहुंचे और करीब 10 फीट ऊंची दीवार से नीचे कूदकर परिसर से बाहर निकल गए. घटना की जानकारी मिलते ही संप्रेषण गृह में हड़कंप मच गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार बाल अपचारियों की तलाश शुरू कर दी है. फरार होने वालों में सुरक्षित स्थान पर रखे गए पांच और संप्रेषण गृह में मौजूद एक बाल अपचारी शामिल है. इनमें से तीन की उम्र 18 वर्ष से अधिक बताई जा रही है. घटना के समय परिसर में चार सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी थी. इसके बावजूद छह बाल अपचारियों का छत तक पहुंच जाना और वहां से आसानी से बाहर निकल जाना सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
*पुलिस ने किया मौका मुआयना*
घटना के बाद सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात गार्डों के साथ अधिकारी और कर्मचारियों से भी पूछताछ की है. फरार बाल अपचारियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर दबिश दी जा रही है. ASP चक्रवर्ती सिंह राठौड़ ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है और फरार बाल अपचारियों की तलाश की जा रही है.
*पुलिस में देरी से सूचना*
जानकारी के अनुसार 3 सितंबर की रात संप्रेषण गृह में कुल 26 बाल अपचारी मौजूद थे. इनमें से 14 को सुरक्षित स्थान पर और 12 को संप्रेषण गृह में रखा गया था. रात करीब 11 बजे एक सुरक्षा गार्ड खाना खाकर वापस संप्रेषण गृह पहुंचा. इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का फायदा उठाकर छह बाल अपचारी छत तक पहुंच गए. बताया जा रहा है कि पुलिस में भी सूचना अगले दिन दी गई पहले अपने स्तर पर तलाश की गई.
*चाबी लेकर बाहर निकले, खुले मिले थे ताले*
परिवीक्षा एवं कारागृह कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी ने सदर थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है. रिपोर्ट में बाल अपचारियों के साथ ड्यूटी पर मौजूद दो सुरक्षा गार्डों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक फरार बाल अपचारी मेन गेट का ताला और चाबियों का पूरा गुच्छा अपने साथ ले गए. प्रारंभिक तौर पर जांच में सामने आया है कि घटना के दौरान संप्रेषण गृह और उसके नजदीक बने सुरक्षित स्थान के ताले खुले हुए थे. ऐसे में बाल अपचारियों को बाहर निकलने और छत तक पहुंचने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई. अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि दोनों स्थानों के ताले खुले क्यों थे और चाबियां बाल अपचारियों के हाथ तक कैसे पहुंचीं. चार गार्डों की मौजूदगी में हुई इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला केवल लापरवाही तक सीमित है या इसमें किसी स्तर पर मिलीभगत भी थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.
