बेटे ई टिकट फाइनल था, फिर भी दूसरे को सिम्बल देने का आरोप, बीकानेर कांग्रेस में विवाद गहराया
बेटे ई टिकट फाइनल था, फिर भी दूसरे को सिम्बल देने का आरोप, बीकानेर कांग्रेस में विवाद गहराया
बीकानेर। नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वार्ड प्रत्याशी के टिकट को लेकर दीपक अरोड़ा ने जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अरोड़ा का दावा है कि उनके बेटे मोहित अरोड़ा का टिकट पार्टी स्तर पर फाइनल हो चुका था और उन्होंने इसी भरोसे के आधार पर नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन बाद में कथित तौर पर सिम्बल किसी दूसरे प्रत्याशी को दे दिया गया।
दीपक अरोड़ा के अनुसार, पूर्व जिला अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने भी उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनके बेटे मोहित अरोड़ा का नाम टिकट के लिए तय है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद जिला अध्यक्ष ने निजी हितों के चलते कथित रूप से सिम्बल नवतन डांगा को दे दिया।
अरोड़ा ने सिम्बल को लेकर कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस के खुले कार्यालय को लेकर भी जिला अध्यक्ष मदन मेघवाल पर निजी स्वार्थ के लिए कार्यालय दिए जाने का आरोप लगाया है।
मारपीट की घटना के संबंध में दीपक अरोड़ा ने कहा कि मारपीट का तरीका गलत है, लेकिन वह अपने बेटे से यह भी पूछेंगे कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और उसे किसने उकसाया। उनका कहना है कि टिकट के मामले में उनके परिवार के साथ धोखा हुआ है और वे इस मामले को कानूनी रूप से आगे ले जाएंगे।
अरोड़ा ने थाने में एफआईआर दर्ज कराने तथा पूरे मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या टिकट वितरण की प्रक्रिया में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई? क्या सिम्बल किसी फर्जी या कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बदला गया? इन गंभीर आरोपों पर कांग्रेस जिला संगठन और संबंधित पदाधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। उनके जवाब के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
