मिलावटी खाद्य पदार्थों पर बड़ी कार्रवाई, 19 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
मिलावटी खाद्य पदार्थों पर बड़ी कार्रवाई, 19 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
जयपुर। प्रदेश में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
सितंबर में लिए गए खाद्य नमूनों की जांच में असुरक्षित पाए गए 43 पैक्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, बिक्री और प्रदर्शन पर दो माह के लिए रोक लगाई गई है। वहीं, दौसा, धौलपुर, भरतपुर, अलवर, जयपुर, टोंक और अजमेर में असुरक्षित लूज खाद्य पदार्थों के नमूने मिलने पर 19 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
कार्रवाई में मिल्क केक, पनीर, कलाकंद, मावा-बर्फी, रिफाइंड तेल, लाल मिर्च पाउडर, टोमैटो ग्रेवी, घी, काली मिर्च और नमकीन सहित कई खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय ब्रांड, बैच नंबर, पैक साइज, लेबल और गुणवत्ता की जांच जरूर करें। संदिग्ध या प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
बीकानेर में भी मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने की मांग उठ रही है। शहर में दूध, पनीर, मावा, मिठाई, घी, तेल, मसाले, नमकीन एवं अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जानी चाहिए।
त्योहारी सीजन और खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही जांच में असुरक्षित पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाकर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जनहित में बीकानेर में भी नियमित एवं प्रभावी खाद्य जांच अभियान चलाना जरूरी है, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।
