अंतिम दिन नामांकन का भारी दबाव, कागजी चूकों से निरस्त हो सकते हैं नामांकन

vasudev vyas

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अंतिम दिन नामांकन का भारी दबाव, कागजी चूकों से निरस्त हो सकते हैं नामांकन

बीकानेर। नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। 31 अगस्त को नामांकन की अंतिम तारीख होने के कारण सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रत्याशियों और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।
नामांकन प्रक्रिया के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों में टिकट वितरण को लेकर असमंजस बना हुआ है। कई वार्डों में प्रत्याशियों के नाम अंतिम रूप से तय नहीं होने के कारण दावेदारों में बेचैनी बढ़ रही है। अंतिम समय में टिकट मिलने की स्थिति में नामांकन पत्र तैयार करने और जरूरी दस्तावेज जुटाने में जल्दबाजी भारी पड़ सकती है।
कागजी चूक बनी तो निरस्त हो सकता है नामांकन
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अंतिम दिन बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल होने से निर्वाचन अधिकारियों के सामने भी काम का दबाव बढ़ेगा। नामांकन पत्र में छोटी-सी गलती, आवश्यक दस्तावेजों की कमी या निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर नामांकन निरस्त होने का खतरा बना रहेगा। ऐसे में प्रत्याशियों को अंतिम समय की भागदौड़ से बचते हुए सभी दस्तावेजों की जांच कर नामांकन दाखिल करने की सलाह दी जा रही है।
भाजपा में 70 सीटों पर तस्वीर साफ, 10-12 वार्डों में पेंच
भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी ने करीब 70 वार्डों में प्रत्याशियों के नाम लगभग तय कर लिए हैं, जबकि करीब 10 से 12 वार्डों में अब भी पेंच फंसा हुआ है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संभावित बगावत और टिकट से वंचित दावेदारों को साधने की है। भाजपा में प्रत्याशी चयन के साथ ही डैमेज कंट्रोल की कवायद भी शुरू होने की खबर है।

सूत्रों का कहना है कि पार्टी सोमवार सुबह तक अधिकांश नामों को अंतिम रूप देकर नामांकन दाखिल कराने की तैयारी में है। वहीं जिन वार्डों में दावेदारों के बीच ज्यादा खींचतान है, वहां स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को देखते हुए अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
कांग्रेस में जयपुर में मंथन, बीकानेर के दिग्गज डेरा डाले
उधर कांग्रेस में भी टिकटों को लेकर मंथन का दौर जारी है। बीकानेर कांग्रेस के कई प्रमुख नेता जयपुर में डेरा डाले हुए हैं और प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा चल रही है। पार्टी के सामने भी कई वार्डों में एक से अधिक दावेदार होने के कारण अंतिम फैसला चुनौती बना हुआ है।
अब दोनों प्रमुख दलों के लिए सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टिकट वितरण, बागियों को मनाने और समय पर नामांकन दाखिल कराने की चुनौती के बीच सोमवार शाम तक बीकानेर के चुनावी मैदान की तस्वीर काफी हद तक साफ होने की संभावना है।

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