निवेश में बदलता ट्रेंड: मिड और स्मॉलकैप कंपनियों ने बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ा
निवेश में बदलता ट्रेंड: मिड और स्मॉलकैप कंपनियों ने बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ा
नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश के रिटर्न को लेकर हाल के वर्षों में एक नया ट्रेंड देखने को मिला है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बड़ी कंपनियों वाले निफ्टी-50 इंडेक्स में नियमित निवेश (SIP) का पांच साल का औसत रिटर्न करीब 4.5 प्रतिशत रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया।
आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी-50 में एक साल की अवधि में करीब 10.5 प्रतिशत का नुकसान, दो साल में 4.6 प्रतिशत का नुकसान, जबकि पांच साल में 4.5 प्रतिशत और सात साल में 8.3 प्रतिशत तथा दस साल में करीब 9.4 प्रतिशत रिटर्न रहा।
वहीं, निफ्टी मिडकैप-150 ने पांच साल में करीब 14.9 प्रतिशत और सात साल में 19.2 प्रतिशत रिटर्न दिया। निफ्टी स्मॉलकैप-250 का पांच साल का रिटर्न करीब 15.3 प्रतिशत और सात साल का करीब 20.6 प्रतिशत रहा। इससे संकेत मिलता है कि हाल के वर्षों में मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों ने बड़ी कंपनियों की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है।
निवेश की टाइमिंग भी बनी महत्वपूर्ण
रिपोर्ट के अनुसार 17 सितंबर 2021 से 17 सितंबर 2024 तक निफ्टी-50 में एकमुश्त निवेश पर सालाना करीब 14 प्रतिशत और मासिक SIP पर करीब 21 प्रतिशत रिटर्न मिला। हालांकि इसके बाद के दो वर्षों में एकमुश्त निवेश और SIP, दोनों के रिटर्न में अपेक्षाकृत सपाट स्थिति रही।
विशेषज्ञों के अनुसार केवल किसी एक अवधि के रिटर्न को देखकर निवेश का निर्णय नहीं करना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण अलग-अलग समय पर निवेश के परिणाम बदल सकते हैं। लंबी अवधि, निवेश की अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर ही निवेश रणनीति तय करना उचित है।
1999 से अब तक लंबी अवधि के निवेश का आंकड़ा
रिपोर्ट में बाजार के ऐतिहासिक आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि 1999 से अब तक निफ्टी-50 के पांच साल के रोलिंग रिटर्न में नुकसान वाले अवसर बेहद कम रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार ऐसे मामलों में करीब 0.07 प्रतिशत मौकों पर ही निवेशकों को नुकसान हुआ।
निवेशकों के लिए संदेश: बाजार में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए केवल पिछले रिटर्न के आधार पर भविष्य का अनुमान लगाने के बजाय निवेश की अवधि, जोखिम और विविधीकरण को ध्यान में रखना जरूरी है।
