बीकानेर में पेड़ सुरक्षा कानून की मांग को लेकर विशाल आंदोलन का ऐलान

vasudev vyas

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बीकानेर में पेड़ सुरक्षा कानून की मांग को लेकर विशाल आंदोलन का ऐलान

बीकानेर,
बीकानेर संभाग के बिश्नोई समाज ने संकल्प लिया है कि भले ही वे अपनी गर्दन कटवा लें, लेकिन खेजड़ी पर कुल्हाड़ी नहीं चलने देंगे। पेड़ सुरक्षा कानून की मांग को लेकर समाज ने 8 फरवरी को बीकानेर में महापड़ाव का ऐलान किया है।
सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में जोधपुर से आए परताराम बिश्नोई ने कहा कि सरकार प्रकृति को लगातार नुकसान पहुंचा रही है। अरावली पर्वतमाला को नष्ट करने के आदेश दिए जा रहे हैं। सोलर कंपनियों के माध्यम से प्रदेश को वृक्षविहीन बनाने की योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिन्हें बिश्नोई समाज किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि सोमवार को पूरे प्रदेश में हर तहसील और जिला मुख्यालय पर ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद 9 जनवरी से साधु-संतों के नेतृत्व में पूरे राजस्थान में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में पर्यावरण प्रेमी और संत समाज गांव-गांव जाकर सभी धर्मों के लोगों को एकजुट कर आंदोलन में शामिल होने की अपील करेंगे।
स्वामी भगवान दास शास्त्री ने कहा कि राजस्थान में अंधाधुंध पेड़ों की कटाई हो रही है, जिससे प्रकृति विनाश और अरावली संरक्षण को भारी क्षति पहुंच रही है। जब तक पेड़ सुरक्षा कानून बनाकर खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, तब तक महापड़ाव जारी रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो आगे की रणनीति बनाकर और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
स्वामी रामपाल ने सभी से एकजुट होकर खेजड़ी के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प दिलाया और विशेष रूप से युवाओं को जागरूक करने पर जोर दिया।
इस दौरान रामगोपाल बिश्नोई, सुभाष भांभू खारा, ऋषिपाल फौजी, विजयपाल डेल, रामनिवास पुनिया, सहिराम पुनिया, ओपी खींचड़, हनुमानराम बेनीवाल, महीराम दिलोख्या, शिवजी खींचड़, सुभाष धायल, अशोक गोदारा कानासर, राजेश गोदारा कानासर व भोमाराम भादू सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे और आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।

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