साइबर ठगी पर राजस्थान पुलिस का बड़ा कदम, अब स्वतः दर्ज होगी ई-जीरो एफआईआर
साइबर ठगी पर राजस्थान पुलिस का बड़ा कदम, अब स्वतः दर्ज होगी ई-जीरो एफआईआर
जयपुर, 24 जुलाई। राजस्थान में साइबर वित्तीय अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा निर्णय लिया है। अब एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज होते ही स्वतः ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) दर्ज की जाएगी। इससे पीड़ितों को त्वरित कानूनी सहायता मिलेगी और पुलिस बिना देरी के कार्रवाई शुरू कर सकेगी।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर हेल्पलाइन 1930 और सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) का एकीकरण कर नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत शिकायत मिलते ही संबंधित साइबर पुलिस थाने में ई-जीरो एफआईआर स्वतः दर्ज होगी और पुलिस बैंक खातों को फ्रीज कराने, संदिग्ध राशि होल्ड करने, सीडीआर, आईपीडीआर और सीसीटीवी जैसे डिजिटल साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू कर सकेगी।
नई व्यवस्था में शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर का इंतजार किए बिना प्रारंभिक कार्रवाई होगी। हालांकि, ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के 72 घंटे के भीतर पीड़ित को संबंधित पुलिस थाने में जाकर मुद्रित प्रति पर हस्ताक्षर करने होंगे। समय पर उपस्थित नहीं होने पर नोटिस जारी किया जाएगा, लेकिन प्रारंभिक जांच प्रभावित नहीं होगी।
जांच का कार्यक्षेत्र भी तय किया गया है:
1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की जांच राज्य स्तरीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर करेगा।
1 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के मामलों की जांच संबंधित जिला साइबर पुलिस थाना या स्थानीय पुलिस थाना करेगा।
राजस्थान पुलिस का मानना है कि इस तकनीक आधारित व्यवस्था से साइबर अपराधियों पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी, पीड़ितों को राहत मिलेगी और डिजिटल वित्तीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
