मानसून का कहर: पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में 120 लोगों की मौत
नई दिल्ली। देश के पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक करीब 120 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश, असम, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। कई क्षेत्रों में सड़कें, पुल, बिजली व्यवस्था और रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

हिमाचल प्रदेश में जुलाई के दौरान बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 66 लोगों की जान जा चुकी है। कांगड़ा जिले में बादल फटने से कई मकान और गौशालाएं बह गईं। राज्यभर में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जबकि 508 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 43 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
असम में भी बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की मौत के बाद इस वर्ष बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में पिछले 48 घंटों के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 23 लोगों की मौत हुई है। भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए अमरनाथ यात्रा एहतियातन रोक दी गई है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद कर दिया गया है। सेना, राज्य आपदा मोचन बल और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।
नागालैंड में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि चार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश के पांच जिलों में भी बाढ़ की नई स्थिति उत्पन्न हो गई है। राज्य में करीब 1.49 लाख लोग मानसून और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
ओडिशा में लगातार बारिश के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए हीराकुंड बांध के 10 गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने तथा राहत-बचाव व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।