केंद्रीय सूचना आयोग में स्वीकृत क्षमता में कर्मी होने के बावजूद आरटीआई के 40,000 से अधिक केस लंबित

vasudev vyas

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केंद्रीय सूचना आयोग में स्वीकृत क्षमता में कर्मी होने के बावजूद आरटीआई के 40,000 से अधिक केस लंबित

नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुड़े 40,000 से अधिक मामले लंबित हैं, जबकि आयोग स्वीकृत कर्मचारियों की पूरी संख्या के साथ काम कर रहा है. सीआईसी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है.

ज्ञात हो कि सीआईसी के प्रमुख मुख्य सूचना आयुक्त राज कुमार गोयल हैं, जिन्होंने दिसंबर 2025 में पदभार संभाला था. आयोग में 10 सूचना आयुक्त हैं.

सीआईसी पोर्टल के अनुसार, 12 अगस्त तक आयोग में 3,733 शिकायतें और 36,350 अपीलें लंबित थीं, जिससे लंबित मामलों की कुल संख्या 40,083 हो गई है.

इन लंबित मामलों में अकेले गोयल के पास 5,317 मामले हैं, जिनमें 522 शिकायतें और 4,795 अपीलें शामिल हैं.

अगस्त में कोई प्रगति नहीं

सीआईसी की मासिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में अब तक केवल दो सूचना आयुक्तों ने तीन अपीलों का निपटारा किया है, जबकि बाकी आयुक्तों ने आरटीआई अपीलों के निपटारे में कोई प्रगति दर्ज नहीं की है.

इन अपीलों का निपटारा सूचना आयुक्त विनोद कुमार तिवारी और स्वागत दास ने किया. तिवारी ने एक और दास ने दो मामलों का निपटारा किया.
इस संबंध में पारदर्शिता कार्यकर्ता सेवानिवृत्त कमोडोर लोकेश बत्रा ने सीआईसी में लंबित मामलों से जुड़े 2015 के एक मामले का जिक्र करते हुए पूछा, ‘क्या मौजूदा सूचना आयुक्त आरटीआई उपयोगकर्ताओं को हतोत्साहित करने और इस प्रक्रिया में उनके जानने के अधिकार को खत्म करने के लिए जानबूझकर धीमी गति से काम कर रहे हैं?’

वह 2015 में सीआईसी में 40,000 से अधिक मामलों की ऐसी ही लंबित स्थिति का जिक्र कर रहे थे. उस समय आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त नहीं था और तीन सूचना आयुक्तों के पद खाली थे.

बत्रा ने आगे कहा, ‘सीआईसी में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं. आयोग में बड़े सुधारों की जरूरत है, जिसमें मुख्य सूचना आयुक्त का शनिवार को भी काम करना शामिल है.’

इस वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच गोयल ने उन्हें आवंटित 2,541 अपीलों में से 1,180 का निपटारा किया है. उनकी औसत निपटारा दर 46% रही. जनवरी में उन्होंने 313 में से 164 अपीलों, फरवरी में 259 में से 167, मार्च में 358 में से 198, अप्रैल में 371 में से 154, मई में 376 में से 162, जून में 400 में से 189 और जुलाई में 464 में से 146 अपीलों का निपटारा किया.

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में अब तक गोयल के पास न तो कोई अपील दर्ज हुई है और न ही उन्होंने किसी अपील का निपटारा किया है.

वहीं, आठ अन्य सूचना आयुक्तों- आनंदी रामालिंगम, सुरेंद्र सिंह मीणा, आशुतोष चतुर्वेदी, सुधा रानी रेलंगी, पीआर रमेश, खुशवंत सिंह सेठी, जया वर्मा सिन्हा और संजीव कुमार जिंदल- ने भी अगस्त के 12 दिन बीत जाने के बावजूद किसी मामले के दर्ज होने या निपटारे की सूचना नहीं दी है.

पोर्टल के अनुसार, इस साल अगस्त तक सीआईसी को 20,163 अपीलें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से केवल 11,903 का निपटारा किया गया है.

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