पेड़ काटने पर अब लगेगा एक लाख रुपये तक जुर्माना, 29 प्रजातियों को विशेष संरक्षण

vasudev vyas

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पेड़ काटने पर अब लगेगा एक लाख रुपये तक जुर्माना, 29 प्रजातियों को विशेष संरक्षण

जयपुर। राजस्थान में अब गैर वन भूमि पर भी पेड़ों की कटाई को लेकर सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, पीपल सहित 29 प्रजातियों के पेड़ों के संरक्षण और संवर्धन को विशेष बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को सीएमओ में हुई कैबिनेट बैठक में ‘द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026’ के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही ‘द राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल’ को आगामी विधानसभा सत्र में लाने का निर्णय भी किया गया।
प्रस्तावित ट्रीज प्रोटेक्शन कानून के तहत निजी या कब्जे वाली भूमि पर भी संरक्षित श्रेणी के पेड़ को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना काटना अपराध माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर एक साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
अनुमति लेकर पेड़ काटने पर भी लगाना होगा नया पेड़
कानून के प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर पेड़ काटने या हटाने की स्थिति में उसी क्षेत्र में निर्धारित संख्या में नए पेड़ों का रोपण करना अनिवार्य होगा। इससे पेड़ों की कटाई के साथ-साथ हरित क्षेत्र को बनाए रखने पर भी जोर दिया जाएगा।
शादी का 60 दिन में पंजीकरण अनिवार्य
कैबिनेट के निर्णयों में विवाह पंजीकरण से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। शादी का 60 दिन के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण नहीं कराने पर नोटिस के बाद भी लापरवाही बरतने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं लिव-इन रिलेशनशिप की शुरुआत और समाप्ति की लिखित सूचना या पंजीकरण का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
प्रेसवार्ता में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और उद्योग राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।

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