पीआरजीआई की बड़ी कार्रवाई: 88 हजार अखबारों का पंजीकरण निरस्त
हजारों प्रकाशनों पर भी संकट
नई दिल्ली। PRGI वेबसाइट पर 88 हजार से अधिक ‘Cancelled Titles’ दर्ज – मीडिया जगत में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के तहत पीआरजीआई (PRGI) ने देशभर में लगभग 88 हजार अखबारों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह निर्णय उन प्रकाशनों के खिलाफ लिया गया है जो लंबे समय से नियमित प्रकाशन नहीं कर रहे थे या आवश्यक औपचारिकताओं एवं दस्तावेजों का पालन नहीं कर पाए ।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई का मुख्य कारण निर्धारित नियमों का उल्लंघन, वार्षिक विवरण जमा न करना तथा प्रकाशन की निरंतरता बनाए न रखना बताया जा रहा है। संबंधित इकाइयों को पूर्व में निष्क्रय की सूची में डाला गया था ओर स्थिति स्पष्ट करने का अवसर भी दिया गया था।
14 हजार पर लटकी तलवार
जानकारी के मुताबिक, अभी तक लगभग 14 हजार अखबार ऐसे हैं जिन पर भी पंजीकरण रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। इन प्रकाशनों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्धारित समयसीमा में आवश्यक दस्तावेज एवं प्रकाशन प्रमाण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समयसीमा के भीतर जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ भी पजींकर केन्सल करने की कार्यवाही की जा सकती है
प्रकाशकों में हड़कंप
इस निर्णय के बाद छोटे और मध्यम श्रेणी के प्रकाशकों में चिंता का माहौल है। कई प्रकाशकों ने इसे जल्दबाजी में उठाया कदम बताया है । प्रकाशकों का कहना है कि ऑनलाइन होने से कई अखबारों में वार्षिक रिर्टन भरने में दिक्कते आ रही थी ये जल्दबाजी में उठाया गया कदम है ।
पारदर्शिता और अनुशासन पर जोर
प्रशासन का कहना है कि यह कदम मीडिया क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सक्रिय प्रकाशनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। नियमित और नियमों का पालन करने वाले प्रकाशनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।