एसओजी की जांच में फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र गिरोह का बड़ा खुलासा, 28 गिरफ्तार, 100 से अधिक संदिग्ध डॉक्टर रडार पर
एसओजी की जांच में फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र गिरोह का बड़ा खुलासा, 28 गिरफ्तार, 100 से अधिक संदिग्ध डॉक्टर रडार पर
जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी एफएमजीई (Foreign Medical Graduate Examination) प्रमाणपत्रों के जरिए डॉक्टर बनने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर लौटे कई अभ्यर्थियों ने दलालों की मदद से फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी और निजी अस्पतालों में इंटर्नशिप तथा चिकित्सकीय सेवाएं शुरू कर दीं।
एसओजी की कार्रवाई में अब तक 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 100 से अधिक संदिग्ध फर्जी डॉक्टरों की पहचान कर उनके खिलाफ जांच तेज कर दी गई है। इनमें से करीब 88 डॉक्टरों के कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने की जानकारी सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर कई सरकारी अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सैटेलाइट अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी नियुक्तियां और इंटर्नशिप हुईं। इससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एसओजी के अनुसार पूरे नेटवर्क में दलालों और कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और पंजीकरण कराने के नाम पर 20 से 30 लाख रुपये तक की वसूली की जाती थी।
एडीजी एसओजी वी.के. सिंह ने कहा कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर बनकर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है और संदिग्ध चिकित्सकों की सूची तैयार कर उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
